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. *अभंग*
है सबसे उत्तम गुरु की पूजा I
है सबसे पावन गुरु की पूजा II
गुरु की पूजा है सुखदायी I
गुरु की पूजा है रंग लायी I
गुरु है राजी तो सब राजी I
गुरु बिना है कोई ना दुजा II01II
गुरु ही ब्रम्हा गुरु महेश्वर I
निराकार है गुरूही ईश्वर I
गुरू ही जलमे गुरु ही स्थलमे I
गुरु है सारे जंहा से उच्चा II 02II
गुरु है भक्तिका एक मंदिर I
गुरु दया का है एक समिंदार I
श्री गुरु काशिनाथ कृपाके सिंधू I
हो ज्ञान तुम्हारा हमे हमेशा II03II
रचना व गीत
परमभक्त. सुधाताई नाडे, मुरुड.
जय सदगुरू, उत्तम
उत्तर द्याहटवाVery nice poetry
उत्तर द्याहटवाअवधूतचिंतन श्री गुरुदेव दत्त सद्गुरु काशिनाथ महाराज की जय खूप छान छान सुंदर गीत रचना श्री महाराजांच्या चरणी अर्पण या भावनेतून झालेली रचना अंतःप्रेरणा तून सुधाताई नाडे यांना सतत मिळत आहे महाराजांचा आशीर्वाद आहे जय सद्गुरू
उत्तर द्याहटवाखूप छान
उत्तर द्याहटवा